अबुआ आवास योजना दूसरी किस्त | Abua Awas Yojana 2nd Installment | आवास योजना का पैसा कैसे चेक करें

झारखंड सरकार द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए आबुआ आवास योजना (Abua Awas Yojana) चलाई जा रही है। यह योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के समान है, लेकिन इसमें राज्य सरकार अपने बजट से अतिरिक्त राशि देती है। वर्ष 2026 के लिए लाभार्थियों को अब तीन किस्तों में वित्तीय सहायता दी जाती है। इस लेख में हम आपको बताएँगे कि आबुआ आवास योजना की किस्त स्थिति (Installment Status) को ऑनलाइन कैसे चेक करें, पात्रता क्या है, कितनी किस्तें मिलती हैं, और क्या करें यदि किस्त नहीं आ रही है। साथ ही, तालिकाओं और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (FAQ) के माध्यम से संपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की गई है।

Abua Awas Yojana Overview

विवरण जानकारी
योजना का नाम आबुआ आवास योजना (Abua Awas Yojana)
राज्य झारखंड
प्रारंभ वर्ष 2023 (विस्तार 2026 तक)
उद्देश्य ग्रामीण बीपीएल परिवारों को पक्का मकान
कुल सहायता राशि ₹2.50 लाख (राज्य + केंद्र का संयुक्त)
किस्तों की संख्या 3 (प्रथम, द्वितीय, तृतीय)
प्रथम किस्त ₹50,000 (नींव एवं दीवार निर्माण हेतु)
द्वितीय किस्त ₹1,00,000 (छत एवं दरवाजे-खिड़कियाँ)
तृतीय किस्त ₹1,00,000 (अंतिम चरण – पलस्तर, पेंटिंग, शौचालय)
निगरानी ग्राम पंचायत सचिव और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA)
ऑनलाइन स्थिति देखें आधिकारिक पोर्टल jharkhand.gov.in या awasjharkhand.in

Abua Awas Yojana पात्रता मानदंड

आबुआ आवास योजना के तहत मकान पाने के लिए परिवार को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

कसौटी विवरण
निवास झारखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
आर्थिक स्थिति परिवार के पास कोई पक्का मकान न हो, और वह बीपीएल सूची में शामिल हो।
पूर्व लाभ जिन परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G) या इंदिरा आवास योजना से पहले मकान लिया है, वे पात्र नहीं हैं।
आय सीमा परिवार की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से कम हो।
भूमि लाभार्थी के पास अपनी जमीन हो या सरकारी भूमि का पट्टा हो जहाँ मकान बनाया जा सके।
अपात्रता कोई सरकारी नौकरी, आयकर दाता, 4 पहिया वाहन, या 2 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि वाला परिवार पात्र नहीं।

किस्त स्थिति देखने का तरीका (Step-by-Step)

यदि आपने योजना के तहत मकान बनाना प्रारंभ कर दिया है और जानना चाहते हैं कि कितनी किस्तें जारी हुई हैं, तो नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ:
    झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के पोर्टल https://awasjharkhand.in या राज्य की ई-डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट पर जाएँ।

  2. “आबुआ आवास / Abua Awas” लिंक पर क्लिक करें:
    होमपेज पर “Beneficiary Status” या “Installment Status” का विकल्प होगा।

  3. अपना विवरण दर्ज करें:
    निम्नलिखित में से कोई एक विवरण डालें:

    • जॉब कार्ड संख्या (MNREGA जॉब कार्ड)

    • आधार संख्या

    • मोबाइल नंबर (पंजीकृत)

    • पंचायत और गाँव का नाम (ब्राउज़ करके)

  4. कैप्चा कोड भरें और “सर्च” करें।

  5. किस्त की स्थिति स्क्रीन पर दिख जाएगी:
    वहाँ पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय किस्त की राशि, जारी होने की तिथि और भुगतान की स्थिति (लंबित/स्वीकृत/भेजा गया) दिखेगी।

ऑफलाइन माध्यम

यदि आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो:

  • अपने ग्राम पंचायत सचिव या पंचायत सहायक से संपर्क करें।

  • जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर भी स्थिति देखी जा सकती है।

किस्त जारी होने का समय और शर्तें

किस्त क्रमांक राशि कब मिलती है? आवश्यक प्रगति
प्रथम किस्त ₹50,000 आवेदन स्वीकृत होने के 30 दिनों के भीतर भूमि का कब्जा और आधार सत्यापन
द्वितीय किस्त ₹1,00,000 प्रथम किस्त मिलने के 3-6 माह बाद दीवारें खड़ी हो चुकी हों (कोर्स पूरा) और ग्राम सचिव द्वारा जियो-टैग्ड फोटो अपलोड
तृतीय किस्त ₹1,00,000 द्वितीय किस्त के 2-4 माह बाद छत डाली जा चुकी हो, दरवाजे-खिड़कियाँ लगी हों, शौचालय निर्माण प्रारंभ हो।

ध्यान दें: किस्त जारी करने से पहले सरकारी निरीक्षक द्वारा मौके पर जाँच की जाती है। यदि निर्माण की गुणवत्ता खराब या धीमी है, तो किस्त रोकी जा सकती है।

किस्त स्थिति में दिखने वाले संदेश (Status Messages)

संदेश (हिंदी/अंग्रेजी) अर्थ
Draft / Pending किस्त अभी तैयार नहीं हुई है, प्रगति रिपोर्ट जमा कराएँ।
Approved / स्वीकृत किस्त को मंजूरी मिल चुकी है, अगले 7-10 दिनों में भुगतान होगा।
Disbursed / जारी राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी गई है।
Rejected / अस्वीकृत किस्त अस्वीकार कर दी गई (कारण: नकली फोटो, अधूरा निर्माण, दस्तावेज में गड़बड़ी)
On Hold / रोकी गई निरीक्षण की रिपोर्ट आना बाकी है या विवाद है।

यदि किस्त नहीं आ रही है तो क्या करें?

यदि आपकी किस्त अपेक्षित तिथि के 2 महीने बाद भी नहीं आई है, तो निम्न उपाय करें:

  1. सबसे पहले अपनी प्रगति की फोटो खींचें: सुनिश्चित करें कि निर्माण उस चरण में है जिसके लिए किस्त माँगी गई है।

  2. ग्राम पंचायत सचिव से मिलें: वे आपकी जियो-टैग्ड फोटो पोर्टल पर अपलोड करेंगे और आगे की कार्रवाई करेंगे।

  3. तहसील या प्रखंड कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएँ: लिखित आवेदन दें और उसकी प्रति रखें।

  4. टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: झारखंड ग्रामीण विकास विभाग का हेल्पलाइन नंबर – 1800-345-6001 (निःशुल्क)।

  5. सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराएँ।

  6. राज्य पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत: jharkhand.gov.in पर “Grievance” सेक्शन में दर्ज करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: क्या आबुआ आवास योजना के तहत चौथी किस्त भी दी जाती है?
उत्तर: नहीं, इस योजना में केवल तीन किस्तों में कुल ₹2.50 लाख दिए जाते हैं। चौथी किस्त का कोई प्रावधान नहीं है।

प्रश्न 2: क्या आबुआ आवास योजना की किस्त का पैसा नकद दिया जाता है?
उत्तर: नहीं, सारी राशि लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में सीधे डीबीटी (DBT) से भेजी जाती है। किसी को नकद देने का झांसा न दें।

प्रश्न 3: मैंने पहली किस्त पा ली, लेकिन दूसरी किस्त के लिए मुझे फिर से आवेदन करना होगा?
उत्तर: नहीं, किस्तें स्वतः ही प्रगति सत्यापन के बाद जारी होती हैं। आपको नया आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। हाँ, ग्राम सचिव को अपने मकान की फोटो जरूर दिखाएँ।

प्रश्न 4: यदि मेरा नाम लाभार्थी सूची में है, लेकिन अभी तक कोई किस्त नहीं आई है?
उत्तर: सबसे पहले जाँच लें कि आपका आधार बैंक से लिंक है या नहीं। इसके बाद पंचायत सचिव से संपर्क करें। हो सकता है कि भूमि का दस्तावेज पूरा न हो।

प्रश्न 5: क्या मैकेनाइज्ड ब्लॉक (ईंट) के बजाय मिट्टी की ईंट से बना सकता हूँ?
उत्तर: योजना के मानकों के अनुसार पक्की ईंट, ब्लॉक या कंक्रीट तकनीक का ही उपयोग करें। कच्चे मकान की अनुमति नहीं है, अन्यथा किस्त रुक सकती है।

प्रश्न 6: क्या आबुआ आवास योजना की किस्त पर बैंक द्वारा कोई कटौती (जैसे एनपीए समायोजन) की जाती है?
उत्तर: नहीं, यह राशि पूर्ण रूप से लाभार्थी के खाते में जाती है। कोई बैंक इस पर रोक नहीं लगा सकता, लेकिन यदि आपका कोई अन्य ऋण बकाया है, तो बैंक अदालती आदेश से कटौती कर सकता है।

प्रश्न 7: क्या मकान बनाने में सहायता के लिए सरकारी इंजीनियर मिलते हैं?
उत्तर: हाँ, प्रखंड स्तर पर एक जूनियर इंजीनियर (JE) तैनात होता है जो तकनीकी सलाह देता है और निर्माण की जाँच करता है।

प्रश्न 8: मैंने तीसरी किस्त भी पा ली, लेकिन मकान अधूरा है। क्या और पैसा मिलेगा?
उत्तर: अतिरिक्त पैसे की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि लागत बढ़ जाती है, तो आपको खुद से पूरा करना होगा। कुछ मामलों में स्वयं सहायता समूह से ऋण की सुविधा दी जाती है।

प्रश्न 9: क्या इस योजना के तहत मकान का पंजीकरण (रजिस्ट्री) सरकार करती है?
उत्तर: यदि मकान सरकारी भूमि पर बना है तो पट्टा (Lease) दिया जाता है। निजी भूमि पर पंजीकरण का खर्च लाभार्थी को स्वयं उठाना पड़ता है, हालाँकि स्टांप शुल्क में छूट दी जा सकती है।

प्रश्न 10: क्या किस्त स्थिति चेक करने के लिए कोई मोबाइल ऐप है?
उत्तर: हाँ, “Jharkhand Awas” नाम का एक मोबाइल ऐप उपलब्ध है (Google Play Store पर)। इसे डाउनलोड करके भी स्थिति देखी जा सकती है।

निष्कर्ष

आबुआ आवास योजना 2026 झारखंड सरकार की एक जनहितैषी पहल है जो गरीबों को छत देने का सपना पूरा करती है। तीन किस्तों में मिलने वाली ₹2.50 लाख की सहायता से ग्रामीण परिवार सुरक्षित पक्का मकान बना सकते हैं। इस लेख में दी गई विधि से आप कभी भी अपनी किस्त की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। यदि कोई परेशानी आती है, तो ग्राम सचिव या टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करें। अपने मकान की प्रगति को समय पर सरकार के साथ साझा करते रहें, ताकि किस्तों में कोई अवरोध न आए।

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