मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना 2026: गाय, बकरी और मुर्गी पालन पर 90% तक की सब्सिडी | CM Pashudhan Yojana Jharkhand 2026 apply online

झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (Mukhyamantri Pashudhan Vikas Yojana) राज्य के किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी पहल है।इस योजना के अंतर्गत दुधारू पशुओं (गाय, भैंस) की खरीद, पशुशेड निर्माण, बकरी पालन, मुर्गीपालन, सुअर पालन एवं चारा प्रबंधन के लिए 50% से 90% तक अनुदान दिया जाता है।वर्ष 2026 तक योजना के अंतर्गत 79,000 से अधिक लाभार्थियों को कवर किया जा चुका है, जिसके लिए ₹255 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

यह लेख आपको योजना की पूरी जानकारी – पात्रता, लाभ, सब्सिडी दरें, आवश्यक दस्तावेज, चयन प्रक्रिया और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में विस्तार से बताएगा।

योजना का अवलोकन (Overview)

विवरण जानकारी
योजना का नाम मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (Mukhyamantri Pashudhan Vikas Yojana)
राज्य झारखंड
प्रारंभ वर्ष 2022-23 (बजट में घोषित)
नोडल विभाग पशुपालन एवं डेयरी विभाग, झारखंड सरकार
मुख्य उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि
लाभार्थी राज्य के सभी किसान एवं पशुपालक
अनुदान (सब्सिडी) सीमा 50% से 90% तक
कुल बजट (वित्त वर्ष 2025-26) ₹255 करोड़
लाभार्थियों की लक्षित संख्या 79,000 से अधिक
आवेदन माध्यम ऑफलाइन (जिला पशुपालन कार्यालय / ग्राम पंचायत)
आधिकारिक मार्गदर्शन हेतु समीपवर्ती जिला पशुपालन अधिकारी, प्रखंड पशुपालन अधिकारी या पंचायत के मुखिया से संपर्क करें

योजना के मुख्य उद्देश्य (Objectives)

इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य में पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करना और ग्रामीण किसानों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • उत्पादन बढ़ाना: दूध, मांस और अंडे के उत्पादन को बढ़ाकर राज्य में मांग और आपूर्ति के अंतर को कम करना।

  • किसानों को आत्मनिर्भर बनाना: पशुपालन को एक व्यवसाय के रूप में स्थापित कर छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती: पशुधन क्षेत्र को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना।

  • ग्रांट और सब्सिडी का प्रवाह: पशु क्रय, पशुशेड निर्माण और चारा व्यवस्था के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

यदि आप झारखंड राज्य के मूल निवासी हैं और पशुपालन में रुचि रखते हैं, तो आप इस योजना के लिए पात्र हैं। पात्रता की मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

  1. निवास: आवेदक झारखंड राज्य का स्थायी निवासी हो।

  2. व्यवसाय: आवेदक किसान या पशुपालक हो।

  3. आयु: आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक हो।

  4. प्राथमिकता समूह: योजना के तहत अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), विधवा महिलाएं, निःसंतान दंपत्ति, विकलांग जन एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाती है।

  5. बुनियादी ढांचा: आवेदक के पास पशुपालन हेतु पर्याप्त भूमि और पशुओं के रहने की व्यवस्था होनी चाहिए。

  6. एक परिवार-एक लाभार्थी: एक परिवार में से केवल एक महिला सदस्य ही इस योजना का लाभ ले सकती है।

सब्सिडी विवरण (Subsidy Details)

इस योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी की दरें निम्नलिखित हैं:

लाभार्थी श्रेणी (Category) सब्सिडी दर (Subsidy) विशेष विवरण
विधवा महिलाएं / निःसंतान दंपत्ति / विकलांगजन 90% परिवार की महिला सदस्य को लाभ
अनुसूचित जाति (SC) / अनुसूचित जनजाति (ST) 90% बकरी पालन हेतु भी यही दर लागू
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) / सामान्य वर्ग (General) 75% उदाहरण: गाय/भैंस खरीद पर 75%
स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़े पशुपालक 75% समूह सदस्यों के लिए विशेष

उदाहरण (Example):

मान लीजिए, एक महिला लाभार्थी को एक गाय और एक भैंस (कुल कीमत ₹1,50,000) खरीदने हैं।सरकार 90% सब्सिडी प्रदान करती है, जो लगभग ₹1,35,000 है, और लाभार्थी को केवल ₹15,000 (10%) खर्ज करने होंगे।सभी सामान्य पात्र किसानों को 75% अनुदान का लाभ मिलता है。

योजना के अंतर्गत मुख्य लाभ (Key Benefits)

योजना का लाभ विभिन्न पशुपालन गतिविधियों पर दिया जाता है, जिसे नीचे तालिका में समझाया गया है:

लाभ का प्रकार विवरण
दुधारू पशुओं की खरीद 50% से 90% सब्सिडी पर उन्नत नस्ल की गाय/भैंस खरीदें।
पशु शेड निर्माण पशुओं के लिए पक्के एवं सुरक्षित शेड बनवाने पर भारी अनुदान।
बकरी पालन सामान्य वर्ग को 75% तथा SC/ST वर्ग को 90% सब्सिडी पर 10 बकरियाँ + 1 बकरा。
मुर्गीपालन एवं सुअर पालन सब्सिडीयुक्त दरों पर मुर्गी, बतख एवं सूअर के बच्चे उपलब्ध कराना。
पशु चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, बंध्याकरण एवं पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन।
अंबुलेंस सेवा पशुओं के स्वास्थ्य के लिए एंबुलेंस सेवा एवं पशु चिकित्सालयों की स्थापना।

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:

क्रम दस्तावेज़ों की सूची आवश्यकता
1 आधार कार्ड पहचान एवं आवेदक के विवरण हेतु अनिवार्य
2 राशन कार्ड परिवार की सदस्यता के प्रमाण हेतु
3 निवास प्रमाण पत्र झारखंड का स्थाई निवासी साबित करने के लिए
4 भूमि से संबंधित दस्तावेज खसरा/खतौनी या 7/12 उतारा (पशुशेड निर्माण हेतु)
5 बैंक पासबुक की प्रति आधार-लिंक्ड बैंक खाता (DBT भुगतान हेतु)
6 जाति प्रमाण पत्र SC/ST/OBC कोटे का लाभ लेने के लिए
7 विधवा/ अक्षमता प्रमाण पत्र विशेष श्रेणी के लाभ लेने हेतु
8 पासपोर्ट साइज फोटो नवीनतम रंगीन फोटो संलग्न करें
9 प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो) पशुपालन प्रशिक्षण के सर्टिफिकेट से योजना में मदद मिल सकती है

आवेदन कैसे करें? (How to Apply) – पूरी प्रक्रिया 2026

Mukhyamantri Pashudhan Vikas Yojana के लिए आवेदन पूर्णतः ऑफलाइन है। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  1. कार्यालय पर जाएं: अपने नजदीकी जिला पशुपालन कार्यालय (District Animal Husbandry Office)प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी (Block Animal Husbandry Officer) या ग्राम पंचायत भवन में संपर्क करें।

  2. फॉर्म प्राप्त करें: यहाँ से आवेदन पत्र (Application Form) नि:शुल्क प्राप्त करें।

  3. फॉर्म भरें: पूछी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पता, श्रेणी, पशुओं की संख्या आदि) को सही-सही भरें।

  4. दस्तावेज संलग्न करें: सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी आवेदन के साथ जोड़ दें。

  5. फॉर्म जमा करें: भरा हुआ फॉर्म और सभी दस्तावेज उसी पशुपालन कार्यालय में जमा करें।

चयन प्रक्रिया (Selection Process)

  • सबसे पहले ग्राम सभा द्वारा लाभार्थियों का चयन किया जाता है।

  • चयनित लाभार्थियों को जिला पशुपालन अधिकारी और जिला डेयरी विकास अधिकारी के स्तर पर सत्यापन के बाद अंतिम लाभार्थी सूची जारी की जाती है।

अनुमानित आय की संभावनाएं अब

पशुपालन व्यवसाय से कितनी आय अर्जित की जा सकती है, इसका अंदाजा नीचे दी गई तालिका से लगाया जा सकता है:

व्यवसाय का प्रकार अनुमानित मासिक/वार्षिक आय
गाय और बकरी पालन ₹8,000 से ₹10,000 प्रति माह
मुर्गीपालन (पोल्ट्री फार्मिंग) ₹15,000 से ₹20,000 प्रति माह
सुअर पालन ₹40,000 से ₹50,000 प्रति वर्ष

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: योजना के तहत क्या केवल गाय-भैंस ही खरीदी जा सकती है?
उत्तर: नहीं, इस योजना के अंतर्गत गाय-भैंस के अतिरिक्त बकरी, मुर्गी, बतख और सूअर पालन को भी प्रोत्साहित किया जाता है |

प्रश्न 2: क्या बिना जमीन के किसान या बटाईदार भी आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: जी हाँ, बटाईदार किसान भी पात्र हैं यदि उनके पास पशुपालन के लिए आवश्यक भूमि की व्यवस्था हो और वे भूस्वामी से अनुमति प्राप्त कर लें। लेकिन भूमि संबंधी दस्तावेज (खतियान या पट्टा) आवेदन के समय जमा करने होते हैं।

प्रश्न 3: क्या इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: अभी फिलहाल, इस योजना के लिए केवल ऑफलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जा रहे हैं। आपको नजदीकी पशुपालन कार्यालय या पंचायत भवन में जाकर फॉर्म भरना होगा।

प्रश्न 4: योजना के तहत सब्सिडी की राशि कैसे मिलेगी?
उत्तर: सब्सिडी की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे आवेदक के बैंक खाते में भेजी जाती है।

प्रश्न 5: क्या योजना का लाभ लेने के लिए कोई व्यक्ति कई बार आवेदन कर सकता है?
उत्तर: नहीं, योजना का लाभ एक बार ही दिया जाएगा। लेकिन, सरकार समय-समय पर योजनाओं को संशोधित करती रहती है। यदि राज्य सरकार कोई नई घोषणा करती है, तो उसका लाभ पिछले लाभार्थियों को भी मिल सकता है।

प्रश्न 6: क्या खरीदे गए पशुओं की प्रजनन क्षमता को लेकर कोई सहायता मिलती है?
उत्तर: हाँ, पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और बंध्याकरण हेतु सरकारी पशु चिकित्सालयों में निःशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (Mukhyamantri Pashudhan Vikas Yojana) 2026 झारखंड के किसानों और ग्रामीण बेरोजगार युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। सस्ती दरों पर दुधारू पशुओं की खरीद, पशुशेड निर्माण और निःशुल्क चिकित्सा सुविधाओं के साथ यह योजना पशुपालन को एक लाभदायक व्यवसाय बनाती है। यदि आप पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो जल्द से जल्द नजदीकी पशुपालन कार्यालय का दौरा करें और इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि करें।

Scroll to Top